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Tuesday, 26 April 2016

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Money Quotes in Hindi: मैं पैसा हूँ

Money Quotes in Hindi
आज के इस दौर में दुनियाँ में जितने भी बड़े Problem है उन में से सबसे बड़ा Problem है- पैसा...!!!
एक बहुत ज्यादा मशहूर कहावत है- न बाप बड़ा न भईया सबसे बड़ा रुपैया.
आज पैसे से लोगों को इतनी ज्यादा मोहब्बत है कि लोग पैसे के लिए अपने माँ-बाप को भूल जाते हैं. वो भूल जाते हैं कि जब वो छोटा था तो उसके माँ-बाप ने उसकी कितनी सेवा की. लेकिन आज जब माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं तो लोग उन्हें किसी वृद्ध आश्रम में भेज देते हैं और उन्हें बिल्कुल भूल जाते हैं. अगर ऐसा नहीं भी हुआ थोड़ी सी मोहब्बत अगर अपने माँ-बाप से हो तो उन्हें घर के किसी कोने में एक Room दे देते हैं, लेकिन कभी ये पूछते भी नहीं हैं कि खाना खाए की नहीं, दवा लिए की नहीं. बस अपने काम से काम रखते हैं. लेकिन ये बिल्कुल गलत है. अगर आज आप अपने बूढ़े माँ-बाप की सेवा नहीं कर रहे हैं तो कल जब आप बूढ़े हो जाएँगे तो आपके बच्चे भी आप के साथ ऐसा ही व्यहवार करेंगे जैसा आप ने अपने माँ-बाप के साथ किया है.

पैसा तो हाथ की मैल है. इसलिए आप पैसे के लिए अपने रिश्तेदार, भाई, बहन, माँ-बाप से मेलजोल न तोड़े. आप जब तक जिन्दा हैं तब तक ही पैसा आपके साथ होगा, लेकिन मरने के बाद वही चीज आपके साथ होगा जो आपने अपनी जिंदगी में अच्छे काम किए हैं, किसी बेसहारा का सहारा बने, किसी गरीब की मदद की. आप अपने माँ-बाप की सेवा करें पुरे मन और दिल से करें. शायद उपर वाला आपके इसी काम की वजह से आप को स्वर्ग में जगह दे दे. 

आज मैं आप लोगों को पैसा क्या है ??? इसकी  हकीकत बतलाता हूँ. इसे पुरे ध्यान से पढ़े और अपनी जिंदगी में इस का इस्तेमाल सही ढंग से करें.

Top 10 Money Quotes in Hindi

Quotes 1. 

मैं पैसा हूँ: मैं कुछ भी नहीं हूँ मगर मैं निर्धारित करता हूँ कि लोग आपको कितनी इज्जत देते है.
Money Quotes in Hindi

Quotes 2.

मैं पैसा हूँ: मुझे आप मरने के बाद ऊपर नहीं ले जा सकते मगर जीते जी मैं आपको बहुत ऊपर ले जा सकता हूँ.

Money Quotes in Hindi

Quotes 3.

मैं पैसा हूँ: मैं भगवान् नहीं मगर लोग मुझे भगवान् से कम नहीं मानते.

Money Quotes in Hindi

Quotes 4.

मैं पैसा हूँ: मैं नमक की तरह हूँ जो जरुरी तो है मगर जरुरत से ज्यादा हो तो जिंदगी का स्वाद बिगाड़ देता है.

Money Quotes in Hindi

Quotes 5.

मैं पैसा हूँ: इतिहास में कई ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जिनके पास मैं बेसुमार था मगर फिर भी वो मरे और रोने वाला कोई नहीं था.

Money Quotes in Hindi

Quotes 6.

मैं पैसा हूँ: मुझे पसंद करो सिर्फ इस हद तक की लोग आपको नापसन्द न करने लगे.
Money Quotes in Hindi

Quotes 7.

मैं पैसा हूँ: मैं सारे फसाद की जड़ हूँ मगर फिर भी न जाने क्यों सब मेरे पीछे इतना पागल हैं.

Money Quotes in Hindi

Quotes 8.

मैं पैसा हूँ: मैं बोलता नहीं मगर सबकी बोलती बंद करवा सकता हूँ.
Money Quotes in Hindi

Quotes 9.

मैं पैसा हूँ: मैं आपके पास हूँ तो आपका हूँ, आपके पास नहीं हूँ तो आपका नहीं हूँ, मगर मैं आपके पास हूँ तो सब आपके हैं. 

Money Quotes in Hindi

Quotes 10.

मैं पैसा हूँ: इन्सान कहता है अगर पैसा हो तो मैं कुछ कर के दिखाऊँ और मैं कहता हूँ कि तू कुछ कर के दिखा तो मैं आऊँ.
Money Quotes in Hindi

Youtube Video:



Note:


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Monday, 25 April 2016

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How to Get Success Life in Hindi: जीवन में सफल होने के अदभूद राज़

How to Get Success Life in Hindi
मैं आप लोगों को एक अच्छी जानकारी देने जा रहा हूँ.ये आपके जीवन से जुड़ी कड़ी के समान है, शायद यह Motivational Story पढ़ा कर कुछ ऐसा करने का मन करे जिससे आपके बच्चों को उनके जीवन में कभी दुःख न हो, और न आपके बच्चों को जीवन में किसी कठिनाई का सामना करना पड़े.

आज की इस बेरोजगारी की दुनिया में लोग बहुत ही परेशान हैं. लोगों को सबसे ज्यादा किसी चीज की चिंता होती है तो वो है -  जॉब...!!! 

जॉब का न मिलना एक बहुत ही बड़ी Problem है, जो की जीवन के समस्याओं में से सबसे बड़ी समस्या है. आज लोग Engineering, Medical, M.B.B.S., PhD, Graduation, इत्यादि की पढाई तो कर लेते हैं, लेकिन उन्हें Job पाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. अगर कोई इतनी Higher Degree हासिल करने के बाद अगर Business करना चाहे तो घर वाले Support नहीं करते है. 

घरवालों का उस वक्त ये बात हमेशा जुबान पे होती है कि अगर Business ही करना था तो पढाई में इतना पैसा खर्च क्यों किए. उन्ही पैसों से Business कर लेते तो आज तक तुम्हारे Business की एक अपनी Market Value होती. लेकिन  घरवालों का यह व्यहवार काफी दुःख भरी है. इससे किसी भी व्यक्ति का मनो बल टूट सकता है. 
मैं उन सभी लोगों से आग्रह करता हूँ जो घर के मुख्या हैं- वे अपने बच्चों को जो Higher Degree हासिल करने के बाद अगर Business करना चाहते हैं उन्हें उसके Business में हाथ बटाना चाहिए और उसे ये शिक्षा देनी चाहिए कि Business करो मगर साथ ही साथ Government Job पाने के लिए अलग से Time निकाल के उस के लिए मेहनत भी करो. शायद साल दो साल, पांच साल के बाद किस्मत चमक जाए तो आपके लड़के की Job भी होगी और आपके लिए एक घर बैठे Market में जमा हुआ Business भी होगा. अगर Job नहीं भी लगे तो कम से कम आपके बेटे की अपनी Business तो होगी, आपको कभी अपने बेटे को लेकर कोई चिंता नहीं होगी. उसकी Life में काफी मुश्किलें आएंगी लेकिन उन मुश्किलों को सहन करने की क्षमता उसमे आ जाएगी. वो अब एक Successful व्यक्ति बन जाएगा. 

एक बहुत बड़ी समस्या सभी के परिवार में होती है कि Guardian अपने बच्चों की Life से Related फैसला खुद ही करते हैं. जिससे उनके बच्चों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. वो अपनी Life को घुट घुट के जीते हैं, और पूरी जिंदगी अपने माँ-बाप को कोसते रहते हैं. इसलिए मैं उन सभी माँ-बाप से गुजारिश करता हूँ कि अपने बच्चों के Life से Related फैसले खुद न करें. आप अपने बच्चों से उनके जिंदगी के बारे में अच्छी बातें करें और अच्छी सलाह दें. बस...!!! फैसला आपके बच्चे खुद ले लेंगे.

एक फिल्म जो Bollywood की दुनिया में बहुत Motivational Movies में सबसे अच्छी Movie मानी जाती है- 3 Idiot. इस फिल्म में बहुत ही अच्छी शिक्षा मिली कि अपने बच्चों को खुल के जीने दें और उन्हें अपने Future Related निर्णय खुद लेने दें. आप अपने बच्चों को इसके लिए अच्छी सलाह दे सकते हैं लेकिन फैसला उन्हें खुद लेने की आजादी दें. तो Success की मुकाम को खुद हासिल कर लेंगें. Success होने के बाद वे आपको तहेदिल से प्यार और सम्मान देंगे. यहाँ तक की वो आपका बेटा होने पर गर्व करेगा. आप जब बूढ़े हो जाएँगे तो आपका अच्छे से ख्याल रखेगा और आपकी सेवा पुरे मन से करेगा.

आप अगर किसी Family के Guardian हैं तो आप ये सोचते हैं कि मेरे माँ-बाप ने मेरी जिंदगी से Related फैसला किया, तो मैं भी अपने बच्चों के Life Related फैसला करूँगा. लेकिन ये बिल्कुल गलत है.

आप चाहते हैं कि मेरा बेटा किसी अच्छी Company में Job करे लेकिन आपका बेटे को जॉब बिल्कुल पसंद नहीं. वो आपकी इज्ज़त रखने के लिए अगर Job कर भी ले तो वो कभी मन से अपना काम नहीं करेगा. ऐसे में वह कभी Success नहीं हो सकता.

Note: 

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Wednesday, 16 March 2016

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फर्श से अर्श तक… A Success Story of Google CEO Sundar Pichai in Hindi

Google CEO Sundar Pichai
मैंने इस Story का Title फर्श से अर्श तक इसलिए रखा है क्योंकि ये Story उनके बारे में है, जिन्होंने कड़ी मेहनत, लगन, परिश्रम और संघर्ष के साथ अपने जीवन की शुरुआत की और सफलता की सीढ़ी पर पहला कदम रखा. वे लगातार कड़ी मेहनत करते रहे और Success के मुकाम तक पहुँच गए.
 
आज मैं आप लोगों के से ऐसी जानकारी Shear कर रहा हूँ जिन्हें बहुत से लोग शायद जानते हो लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ये मालूम नहीं होगा कि दुनिया के मशहूर Search Engine GOOGLE के C.E.O. हमारे भारत देश में जन्मे और भारत के मूल निवासी जिनका नाम सुन्दर पिचाई है. तो चलिए जानते हैं Sundar Pichai के बारे में जिन्होंने सफलता के इस मुकाम को हासिल किया.
 

A Success Story of Google CEO Sundar Pichai in Hindi:

यह कहानी है फर्श पर सोने वाले युवा सुंदर की जो आज गूगल का C.E.O. बनकर अर्श पर हैं. सुंदर की कामयाबी की कहानी किसी परिकथा से कम नहीं. वर्ष 1972 में Chennai में जन्मे सुंदर के पिता British Company G.E.C. में Engineer थे. उनका परिवार दो कमरों के एक मकान में रहता था. उसमें सुंदर की Study के लिए कोई अलग Room नहीं था. इसलिए वे Drawing Room के फर्श पर अपने छोटे भाई के साथ सोते थे. घर में न तो Television था और न ही Car. इससे उनके परिवार की आर्थिक हैसियत का अनुमान लगाया जा सकता है. लेकिन इंजीनियर पिता ने बचपन में अपने बेटे के मन में तकनीक के बीज बो दिए. इसलिए तमाम अभाव भी सुंदर के आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बन सके.
 
पिचई का प्रारंभ से ही पढाई में Talented थे. उन्हें Cricket में काफी रूचि थी और अपनी स्कूल के Cricket Team के Captain भी थे. एक Cricket Player के रूप में उन्होंने कई मैडल जीते, जिसे देखकर ही इनके मां-बाप को अंदाजा हो गया था कि आगे चलकर उनका बेटा परिवार का नाम रौशन करेगा.
 

Biography of Sundar Pichai: सुन्दर पिचाई की जीवनी


पूरा नाम पिचाई सुन्दरराजन / Pichai Sundararajan
जन्म 12th July 1972 Chennai, Tamil Nadu, India
पिता रघुनाथ पिचई
पत्नी अंजलि पिचाई / Anjali Pichai
Employer Google Inc.
Occupation CEO of Google

पिचाई सुंदरराजन, जिन्हें दुनियाँ सुन्दर पिचाई (Sundar Pichai) के नाम से जानती है, एक Senior Technology Executive हैं. भारत में जन्मे और Indian Institute of Technology, Kharagpur (IIT Kharagpur) से B. Tech. करने वाले Sundar Pichai ने 2004 में World की सबसे बड़ी Search engine company Google Join किया और अपनी कड़ी मेहनत और योग्यता के बल पर company के सबसे बड़े पद के लिए चुने गए और वर्तमान में Search engine company Google के C.E.O. (Chief Executive Officer) हैं. (10th August 2015 को GOOGLE के Chief Executive Officer के रूप में चुना गया.)
 
Sundar Pichai का जन्म 12 जुलाई 1972 में Tamil Nadu की राजधानी Chennai में एक तमिल परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम रघुनाथ पिचाई और माता का नाम लक्ष्मी है. Sundar का बचपन मद्रास के अशोक नगर में बीता. सुन्दर के पिता रघुनाथ पिचाई British Company “जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी” (G.E.C.) में Senior Electrical Engineer थे और Company के Electrical parts बनाने वाली एक इकाई का प्रबंधन देखते थे.
 

Education:

1. Sundar Pichai ने अशोक नगर स्थित जवाहर विद्यालय से कक्षा 10th तक की पढ़ाई की.

2. IIT Chennai में स्थित वना वाणी स्कूल से 12th की पढ़ाई की.
 
3. Sundar ने B. Tech. की पढ़ाई के लिए IIT Kharagpur में दाखिला लिया और Metallurgy Engineering में डिग्री हासिल की.
 
4. IIT Kharagpur में उनके प्राध्यापकों ने उन्हें Stanford University से Ph. D करने की सलाह दी पर सुन्दर ने M.S. और M.B.A. किया.
 
5. उन्होंने Stanford University से “Material Science and Engineering” में Master of Science किया और University of Pennsylvania के “Wharton School” से Management (M.B.A.) की शिक्षा ग्रहण की.
 

Google Careers:

Sundar Pichai ने 2004 में GOOGLE Join किया जहाँ उन्हें “Product Management” और ‘नई खोजों और नए विचारों’ से सम्बंधित कार्यों की Responsibility सौंपी गयी. इसके तहत उन्होंने Google Chrome, Chrome OS और Google Drive जैसे उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके साथ-साथ उन्होंने Google Maps और Gmail जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों के Applications Development में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 19 नवम्बर 2009 में Sundar Pichai “Chrome OS” का प्रदर्शन किया और उसके बाद Chromebook को 2011 में जांच व् परिक्षण के लिए उतारा गया. जांच और परिक्षण के बाद सन 2012 में इसे ग्राहकों के लिए उतारा गया. मई 2010 में Sundar Pichai ने Google के नए Video Codec VP8 के Open Sourcing का एलान किया. Google के इस Video Codec ने एक नया Video format “WebM” प्रस्तुत किया.
 
मार्च 2013 में Android भी Sundar Pichai के अंतर्गत आने वाले उत्पादों में शामिल हो गया. इससे पहले Android का कार्य और विकास Andy Rubin के प्रबंधन में हो रहा था.
 
Sundar Pichai को गूगल का अगला C.E.O. (Chief Executive Officer) बनाने के निर्णय की जानकारी 10th August 2015 को दी गई. 24 October 2014 को Google के Co-founder “Larry Page” ने Sundar को उत्पाद प्रमुख बनाने की घोषणा की थी.
 

Note:

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Saturday, 6 February 2016

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Positive Thinking Can Change Your “Life” अच्छी सोंच _जो_ बदल दे आपकी जिंदगी...


Positive Thinking Can Change Your “Life”

अच्छी सोंच जो_ बदल दे आपकी जिंदगी...!!!  
 
मैं यह कहता हूँ कि जो आपको स्वयं के लिए पसंद नहीं वह Behavior दूसरों के साथ भी न करें. बच्चा जब बोलना सिख जाता है, तो यह मान लेना चाहिए कि उसने व्यहवार करना Start कर दिया है. लेकिन उसे Public Behavior की पहली शिक्षा कहाँ से प्राप्त होगी? जाहिर है कि आपका बच्चा Social Behavior के लिए अपने घर को ही School के रूप में चुनने वाला है. अतः बच्चा जब बोलना सिख जाता है तो चीजों को समझने भी लगता है. 
 
प्रत्येक बच्चा अनुकरण (Emulation) करता है या Repeat करता है. यदि आपके घर का माहौल Friendly Social Behavior का Example है तो आपके घर का बच्चा भी उसी को दोहराएगा. लेकिन Unfortunately ऐसा नहीं है तो फिर बच्चे के Behavior में विसंगति उत्पन होना आरम्भ हो जाती है. Public Behavior की पहली पाठशाला आपका घर है. इस प्रथम सिद्धांत का ध्यान आप रखें तो यह सिद्धांत आपके बच्चों के संस्कारित लोक व्यहवार का ध्यान रखेगा.
 

Positive Thinking Can Change Your “Life” Hindi Story:

मैं एक बच्चे से सम्बंधित एक Interesting संस्मरण यहाँ देना चाहूँगा. तब उसकी उम्र महज ग्यारह साल थी. उसका Birthday गुजरे एक सप्ताह ही हुआ था. उसके पिता एक शाम घर का खर्च का Calculation कर रहे थे. उसकी माँ ने कहा कि रोहन (पुत्र) के Birthday के खाते में एक हज़ार रूपया और लिख लीजिये. रोहन के पिता चौक गये क्योंकि Birthday में हुए खर्च का हिसाब वो लिख चुके थे. तब उसकी पत्नी से जानकारी मिली कि रोहन ने अपने Birthday पर Cricket Club के बच्चों को हज़ार रूपये की Party अलग से दे दी थी. हमारे दुकानदार के Bill में ही वह राशि लिखी हुई थी. सारा Matter समझ कर रोहन के पिता मुस्कुरा उठे. उसकी पत्नी जो ध्यान में उसके चेहरे को देख रही थी, वह उस मुस्कान पर चौक गई. उसने रोहन के पिता से सवाल किया कि क्या आप रोहन के इस हरकत से Angry नहीं हैं? सवाल वाजिब था. लेकिन वो बिल्कुल भी नाराज़ नहीं थे. 
 
फिर उसने रोहन की माँ को बताया कि इन्सान अपनी संतान के Birthday पर स्वयं ख़ुशी मनाता है. अब यदि वही संतान अपने Birthday की ख़ुशी खुद मनाए तो क्या खर्च की चिंता के कारण नाराजगी (Unhappiness) व्यक्त करना उचित होगा? 
 
क्या आप बच्चे की ख़ुशी में ख़ुशी अनुभव करते हैं? क्या आप बच्चे की खुशी को स्वयं Control करना चाहते हैं? क्या यह बेहतर नहीं होगा कि बच्चे के Birthday पर बच्चे से ही पूछा जाए कि वह अपना Birthday किस तरह से मनाना चाहता है? इस तरह हम बच्चों को चयन करने का Authority (Power) देते हैं. उसे निर्णय करने की Freedom देते हैं. इस प्रकार आप अपने बच्चे की ख़ुशी में खुश होते हैं, यह फैसला आप स्वयं कर सकते है. 
 
अपने प्रियजनों को अपनी ख़ुशी में शरीक करने से ज्यादा अच्छा है कि आप प्रियजनों की ख़ुशी में सम्मिलित होने का अंदाज़ सीखें. अंतः यह जीवन की छोटी-छोटी Events ही हैं, जो हमें बतलाती हैं कि हमारा Behavior कैसा होना चाहिए. वह आदमी अपने बच्चे द्वारा किए गए खर्च को फिजूलखर्ची (Extravagance) करार देकर नाराज़ भी हो सकता था. लेकिन क्या ऐसा करना उचित होता? यदि उसके बेटे ने अपनी मर्ज़ी से अपनी खुशी के लिए कुछ खर्च किया था तो क्या उसे अपने बेटे की ख़ुशी का ख्याल नहीं रखना चाहिए था? ज्यादातर मामलों में माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे उनकी ख़ुशी की पूर्ति करें. लेकिन क्या बच्चों की ख़ुशी के अनुसार माता-पिता नहीं चल सकते हैं? 
 
आज के युग में अभिभावक यह समझते हैं कि, “बच्चों को अपना हित-अहित मालूम नहीं है और इसी कारण उनके Future Related Decision भी अभिभावकों ख़ुद ही कर लेते हैं.” एक Doctor चाहता है कि उसका बेटा उसी की भातिं Doctor बने. यदि कोई Doctor अपने Profession में संतुष्ट नहीं है तो वह चाहता है कि उसका बेटा Doctor नहीं बने. लेकिन हम अपने ही बच्चे की Natural Talent के सम्बन्ध में कोई विचार नहीं करते हैं.
 
इस प्रकार हम अपने ही बच्चे के साथ न्याय नहीं कर पाते हैं. हम सपना यही देखते हैं कि शिक्षा का उद्देश्य प्रमुख रूप से धन कमाना होना चाहिए. फिर चाहे उस शिक्षा में बच्चों की रूचि हो या न हो. यहाँ आवश्यक हो जाता है कि हम अपने Behavior को सुधारें और अपने बच्चों को यह आज़ादी दें कि वह अपने Career के सम्बन्ध में अपने Guardian के साथ चर्चा कर सकें. जब तक हम Public Behavior के Rules को घर में लागू नहीं कर सकते, उन्हें दुनिया पर लागू करना भी बेमानी ही होगी…!!!
 
 

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Tuesday, 2 February 2016

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Passion is Direct Way To Success : जुनून : सफलता का सीधा रास्ता...!!!

Passion is Direct Way To Success

Passion is Direct Way To Success:

आज के Young Generation में यह आम तौर पर यह देखा जाता है कि लोग Success होने का Shortcut ढूंढते है पर ऐसा कोई Shortcut है ही नहीं. अगर ऐसा होता तो आज लोग इतने बेरोजगार नहीं होते, सभी को कहीं न कहीं Success मिल ही जाती. 
                   
                   हम अक्सर सुनते हैं कि, “ Success होने के लिए कोई Shortcut नहीं होता, कड़ी मेहनत ही Success होने का राज़ है.” लेकिन, हमारी मेहनत हमारे Dreams पर निर्धारित करती है. मान लीजिए कि यदि कोई व्यक्ति Mumbai जा कर Film Actor बनना चाहे, तो उसे पहले यह समझना होगा कि देश भर से प्रतिदिन कम से कम Five Thousand लोग Mumbai Station पर Film Actor बनने का सपना ले कर उतरते हैं. उन हजारों में से गिने-चुने लोग ही Success हो पाते हैं. सफलता के भी कई आयाम हैं, कुछ आंशिक रूप से सफल हुए, तो कुछ लोग कुछ समय के लिए ही Success हो पाते हैं. तात्पर्य यह है कि इस क्षेत्र को चुनने पर “Risk Factor” काफी ज्यादा है. क्या आप उन हजारों में खुद को गिने-चुने लोगों में ला सकते हैं, जिनके लिए Success का दरवाजा खुल जाये??? 
                  यदि हाँ, तो आगे बढिए. लेकिन इसके लिए जो चीज चाहिए, वह है – “जुनून” आइये, इसे एक सच्ची कहानी से समझते हैं. इस Motivational Story में यह बतलाया गया है कि अगर कोई व्यक्ति Passion और लगन के साथ किसी काम में लग जाए तो उसे सफलता अवश्य ही मिलती है. यह एक True Story है, जो आपको Success होने की रह दिखलाता है.

Way To Success:

                 कई वर्ष पहले मेरठ में Cloth businessman की एक Family रहती थी. व्यापारी के बेटे को गाने-बजाने का शौकीन था. परिवार वाले चाहते थे कि वह प्रारंभिक Studies के बाद Family Business को संभाल ले. लेकिन, लड़के का मन Business में नहीं लगता था. वह अक्सर सोचता कि यदि ईश्वर ने मुझे सुप्रसिद्ध परिवार में जन्म दिया है, यदि मैं Family के Business में ही लग जाऊं, तो इसमें मेरी अपनी उपलब्धि क्या रही???
                    उसने निश्चय किया कि वह अपने दम पर अपनी पहचान बनायेगा. इसके लिए उसने Singer बनना ही Career चुन लिया. फिर उसने एक सच्चे गुरु की खोज की. कई गुरुओं के पास गया, लेकिन मन नहीं भरा. इस बीच Family को Business को लेकर Delhi जाना पड़ा. यहाँ भी Family का बहुत दबाव था कि लड़का Family Business में आ जाए, पर थक हारकर परिवार वालों ने उस लड़के को 2 Year का Ultimatum Time दिया. यदि इन दो सालों में कुछ नहीं कर पाये, तो Family Business में आना पड़ेगा. लड़का मन गया और एक मजबूत इरादे (Strong Wills) के साथ Mumbai की ओर निकल पड़ा. कई गीतकारों और संगीतकारों के पास गया. सबने कहा, आवाज़ तो अच्छी है पर नई आवाज़ के कारण Risk नहीं ले सकते. हालाँकि संगीतकार राम संपत ने लड़के को कहा, “Straggle (संघर्ष) करते रहो, Success अवश्य मिलेगी.” 
               वह जीवन बिताने और अपनी खर्च निकलने के लिए Hotels, Pub, Bar etc. में गाने लगा. शाम से देर रात तक होटलों में गाता और सुबह होते ही काम की तलाश में निकल पड़ता. तभी उसे पता चला कि संगीतकार राम संपत ने एक नामी Jewellery Company के Advertisement के जिंगल के लिए उस लड़के का नाम Offer किया. जिंगल के लिए पांच हज़ार रूपये मिलेंगे. पर शर्त यह भी थी कि अगर जिंगल पसंद नहीं आया तो एक पैसा नहीं मिलेगा. उस लड़के ने तुरंत हामी भर दी. Company को जिंगल बेहद ही पसंद आया. जब इसे Televisions में Broadcast किया गया, तो लाखों लोगों की Positive response आने लगी. Mumbai के एक फिल्म Producer ने उस लड़के को अपनी Film के गाने के लिए Signed किया. Producer की एक शर्त थी कि जब तक Film Release नहीं हो जाती, वह किसी और Film के लिए नहीं गायेगा. अभी Record चल रही थी, तभी उस लड़के को Superstar Shahrukh Khan की Company Dream Entertainment से Phone आया. Company उसे अपनी आगामी Film “चलते-चलते” के लिए Sign करना चाहती थी. वह Agreement के कारण मजबूर था. वह बेहद उदासीन हो कर बैठ गया और स्वयं को कोसने लगा. कुछ माह बाद, जब उस Producer की Film Release हुई, तो Film Flop हो गई, पर उस लड़के का गया हुआ गाना हर किसी के जुबान पर चढ़ गया. वह गाना था, “अल्ला के बन्दे” और उस लड़के का नाम था Kailash Kher.

Kailash Kher:


Kailash Kher ने एक बार कहा था कि, “जिंदगी आपको सब कुछ दे सकता है जिसकी आप Imagination करते हैं, पर उसकी वह भरपूर कीमत वसूलता है. यदि आप वह कीमत चुकाने को तैयार हैं, तो Success भी आपके कदम चूमने के लिए तैयार है.”

Abraham Lincoln: 


America के पूर्व President Abraham Lincoln ने कहा था, “अगर लगने लगे कि आपका लक्ष्य आपको हासिल नहीं हो पायेगा तो लक्ष्य को न बदलें, बल्कि अपने प्रयासों को बदलें.” Abraham Lincoln के इस ब्रह्मवाक्य का अर्थ है कि, “हमें मंजिल दे सकता है, जरुरत है अपने मन के मजबूत विश्वास की.” 

आप भी जुनून और लगन से किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते है, लेकिन उसके लिए मेहनत शर्त है.

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Sunday, 31 January 2016

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10 Things Can Change Your Life : 10 बातें जो बदल दे आपकी जिंदगी...!!!

10 Things Can Change Your Life

 1. Importance of Education in Life:

आज व्यक्ति ज्ञान पाने को इच्छुक नज़र आता है. वह ज्ञान को Books में खोजता है, उपाधियों में पता है. Education के पश्चात् वह Doctor, Engineer अथवा Administrative Post पाने की लालसा भी रखता है. लेकिन क्या यही ज्ञान प्राप्ति के उद्देश्य हैं? यदि ज्ञान आपको मनुष्यता की राह पर नहीं लाता तो वह आपको स्वार्थी (Selfish) बना रहा है. वह आपको Self-Oriented Life जीने को प्रेरित कर रहा है. अतः Educated Person बनने के पश्चात् यह ज़रूरी है कि आप सही अर्थों में मनुष्य बनें और मानवता की सेवा का जज़्बा आप में उदित हो.

2. Importance of Time in Life:

Social Behavior का ज्ञान रखने वाला व्यक्ति जब आपके Personality को परखते हैं तो वह यह जानने का प्रयत्न करते हैं कि आप Time को कितना Importance देते हैं अथवा समय की उपयोगिता आपके लिए क्या है? अतः लोगों के साथ समय के पाबंद रहें और कर्म के प्रति निष्ठावान रहें. समय का सदुपयोग करें और निष्क्रिय रहते हुए समय नष्ट न करें. उचित समय पर कार्य आरम्भ करें और कतई भी Careless होकर न करें कि आपको पुनः उस कार्य पर समय व्यतीत करना पड़े.

3. Importance of Challenge in Life:

जिंदगी कि सीधी राहों पर चलना कतई भी मुस्किल नहीं है. लेकिन टेढ़ी-मेढ़ी राहों पर ही आपके Skills और Personality की Real Examination होती है. Social Behavior Person एवम् Experience Person आपको तब ज्यादा परखते है जब आप Challenge को Accept करने की दिशा में अग्रसर होते हैं. अतः यह आपके लिए आवश्यक है कि जब Life में Challenge अथवा अवसर प्राप्त हो, आप उसे दोनों हाथों से थाम लें. स्वयं को जानने का एकमात्र मार्ग यही है कि आप Difficult Situation में से अपने Skill को गुजरने की इजाजत दें.

4. Importance of Judgment in Life:

हमारे Life में ऐसे कई अवसर आते हैं, जब हमें किसी व्यक्ति विशेष के बारे में कोई Judgment करने की आवश्यकता होती है. यह भी हो सकता है कि दो व्यक्तियों के मध्य का वाद-विवाद (Debate) आपको सौंप दिया जाता है. ऐसे में आपका यह Responsibility बनता है कि मध्यस्तर की भूमिका में आप तटस्थ रहें और पूर्वाग्रह के आधार पर कोई भी Judgment न करें. सदैव याद रखें कि लोक व्यहवारी की निर्णय शक्ति में प्रभाव अवश्य ही होना चाहिए. किसी भी बात का फैसला करने से पूर्व सिक्के के दोनों पहलुओं पर विचार करना आवश्यक होता है. निर्णय करते समय इंसानियत का प्रकाश कम न होने दें, यही उत्तम Social Behavior माना जाता है.

5. Importance of Love in Life:

Love... दुनिया का सबसे पावन शब्द है जो वस्तुत “माँ” शब्द के पश्चात् सबसे पवित्र माना जाता है. आपकी ज़िन्दगी में प्रेम के क्या मायने हैं, यह आपका Character साबित करता है, आपके विचार नहीं. यदि आपको किसी से प्रेम है तो आप पाएंगे कि उसके प्रति आप Normal हैं और उसके Mistakes को भी क्षमा कर देते है. उसकी तकलीफ और उसकी आवश्यकता आपको विचलित कर देती है और आपकी Utmost कोशिश रहती है कि उसे तकलीफ न हो और उसकी आवश्यकता की पूर्ति हो जाए. लेकिन प्रेम का भाव Self-Refreshing होता है. सात फेरों या सात वचनों से आप रिश्ता तो पातें हैं लेकिन वह कर्तव्य (Duty) का होता है, जबकि प्रेम किसी बंधन का नाम नहीं है. प्रेम के लिए कोई रिश्ता हो, यह भी आवश्यक नहीं, क्योंकि प्रेम आप एक पालतू जानवर (Dog, Cat, Horse Etc.) से भी कर सकते हैं.

6. Importance of Courage in Life:

Social Behavior को संतुलित बनाए रखने के लिए जब आप अपने Personality को अनुकूल बनाने का प्रयास करते हैं तो आपको यह याद रखना होगा कि व्यक्तित्व की सभी दिशाओं को चमकाया जाए. यदि आप अपने व्यक्तित्व एक भी दिशा को रिक्त छोड़ देते हैं तो वह दिशा आपके Personality की अन्य दिशाओं को भी दूषित कर देगा. बेशक यह Difficult Work है, लेकिन यह याद रखें कि महानता भी Difficult Situation को Solve करने से ही प्राप्त होती है. फिर मानव यदि हिम्मत करे तो वह क्या नहीं प्राप्त कर सकता?

7. Reduce Laziness in Life:

यदि आप आलस्य की गोद में पड़े हैं तो महानता के Horizon की बात जाने ही दें, आप छत पर लगे मकड़े के जाले को भी स्पर्श नहीं कर सकते. आलस्य ऐसा संक्रामक रोग (Infectious Disease) है, जो आपके अन्य Good Qualities को भी खत्म कर देता है. आलस्य आपका सबसे बड़ा शत्रु है. यदि आपने आलस्य से दोस्ती कर ली है तो समझ लें कि आपने पूरी दुनिया से दुश्मनी कर ली. Lazy Person का प्रत्येक गुण एवम् एश्वर्य शीघ्र ही Destroy हो जाता है. आलस्य का कोई भी व्यक्तिगत गुण (Personal Attributes) नहीं है. अतः आलस्य का त्याग करें.

8. Importance of Honesty And Altruism in Life:

आपका दिल कैसा है? Social Behavior आपके दिल में बसी Honesty एवम् सहायता के भाव से प्रभावित होते हैं. उन्हें इस बात से कोई भी फर्क नहीं पड़ता है कि आप धन कुबेर (Rich) हैं या किसी देश के Highest Post पर हैं. यदि ईमानदारी और परोपकारिता (Altruism) आपके दिल में धड़क रही है तो आप दुनिया के सबसे गरीब व्यक्ति होने के पश्चात् भी लोक व्यहवार की दृष्टि से आप Great Person हैं.

9. Importance of Good Character in Life:

आपका Character... अर्थात् जिन आदेशों को लेकर आप जीवित हैं, उन आदेशों के प्रति आपका अटूट समपर्ण ही आपका Character कहलाता है. अतः अपने Character के प्रति Strong रहें और प्रलोभनों के माध्यम से होकर गुजर जाएँ. Social Behavior की कला का प्रथम एवम् अंतिम उद्देश्य भी यही है कि व्यक्ति Advanced एवम् Strong Character का स्वामी बने.

10. Importance of Self-Confidence in Life:

धारा के साथ तो सभी तैर सकते हैं, पर अच्छा तैराक वही होता है जो धारा के विरुद्ध भी तैर सके. साधारण स्थितियों में व्यक्ति अपना Self-Confidence बना कर रखता है, यह अच्छी बात है. लेकिन विपरीत Situations में भी आत्मा को अनुशासित रख पाये, यही Challenging होता है. अक्सर होता यही है कि हमें जहाँ Challenge से गुजरना होता हैं, वहाँ हम पीछे हट जाते हैं. हमें चाहिए कि हम Challenge का सामना पूरे Self-Confidence के साथ करें.

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Wednesday, 20 January 2016

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Importance of Simplicity In Life

Importance of Simplicity In Life
आज के इस दौर में जब कोई Person किसी भी जगह पर अगर उसे Success मिल जाती है तो वह अपनी सारी मान-मर्यादा को भूल जाता है और दिखावे कि जिंदगी व्यतीत करने लगता है. यदि आप Success और Reputation के शिखर पर पहुचने के पश्चात भी अपने अन्दर एक Simple Person को जीवित रख सकते हैं तो निश्चय मानें कि आप महानता की दहलीज पर खड़े खड़े होने कि सलाहियत रखते हैं. Success सिर चढ़ कर बोलती है और Success के नशे में चूर होकर व्यक्ति नीति निपुणता को भी भूल जाता है. लेकिन महानता हासिल करने वाले व्यक्ति चाहे सफलता के शीर्ष पर हों, तब भी वह अपनी सादगी और सफलता को नहीं छोड़ते हैं. पूरी दुनिया ऐसे लोगों कि महानता से भरा पड़ा है, जिन्होंने साधारण व्यक्ति कि तरह ही अपना Life Spend किया है. लेकिन असाधारण व्यक्ति सभी स्थितियों में सरल एवम् उदार मन होता है. एक True Story प्रस्तुत है, जिससे आप प्रेरणा (Inspiration) पा सकते हैं कि आपको किस प्रकार की Simple और Success Life जीना चाहिए:
 

Importance of Simplicity In Life:


माना जाता है कि व्यक्ति जितना बड़ा होता है उसका व्यहवार भी उतना ही सरल होता है. कहावत भी है कि “फलों से लदा वृक्ष ही धरती की ओर झुकना जनता है.” Gladston England के Prime Minister थे. उनकी गणना World के Famous Politicians में की जाती है. एक दिन वे घुमने निकले. एक Driver से उनकी भेंट हुई. उसने गाड़ी में लोहा भर रखा था. Gladston ने उसे मिलने वाले किराये आदि के बारे में पूछताछ की. इतने में रास्ते में एक टीला आ गया. घोड़े को गाड़ी खींचने में तकलीफ होने लगी. Gladston ने Driver से पूछा, “अब तुम क्या करोगे?” Driver ने कहा, “और क्या किया जा सकता है. कन्धा लगाना पड़ेगा.” Gladston बोले, “चलो मैं भी कंधा लगता हूँ.” गाड़ी टीले पर चढ़ गई. गाड़ी वाले ने उनका आभार माना. वे अपने रस्ते चले गए. आगे जाने पर Driver से एक आदमी ने कहा, “तुम जानते हो वह आदमी कौन था?” Driver बोला, “नहीं तो, मैं क्या जानूं?” उस आदमी ने कहा, “अरे वे Gladston थे अपने Country के Prime Minister.” Driver आश्चर्यचकित रह गया. ऐसी थी उस राष्ट्र के President की सादगी और सरलता.

आप समझ सकते हैं कि सादगी और सरलता के आभूषण धारण करने से आप अधिक मानवीय और अधिक Respected हो जाते हैं. यदि आप EGO का दामन थाम लेते हैं, तो आपके दामन में छिपे गुण एक-एक करके खत्म होते चले जाएँगे.
  • William Shakespeare के शब्दों पर गौर करें, “सादगी और सरलता वीर हृदयों की शोभा है और EGO का भाव कमज़ोर शरीरों में ही अधिक होता है.”

  • Swami Vivekananda ने भी सादगी और अहंकारिता के मध्य के अंतर को काफी सुन्दरता से रेखांकित किया है – “यदि तुमने EGO को त्याग कर सादगी को अपना लिया है तो किसी भी धर्म पुस्तक की एक पंक्ति भी पढ़े बिना और बिना किसी प्रार्थना गृह में पैर रखे तुम जहाँ भी बैठे हो वहीँ तुम्हे मोक्ष कि प्राप्ति हो जाएगी.”

  • Mahatma Gandhi ने भी इस प्रकार से कर्म के आधार पर व्याख्या कि है- “सरलता और सादगी यह है कि जो हम करतें है वह दुसरे भी कर सकते हैं. यदि हम इसे नहीं मानते तो हम अहंकारी हैं.”

सादगी और सरलता को यदि आप अपने Life में प्रथम स्थान प्रदान करना चाहते हैं तो आपको यह समझ लेना चाहिए कि इसे आप अपनी आदत ही बना लें. क्योंकि जितने कार्य आदत कि वजह से होते हैं उतने विवेक के कारण नहीं. विवेक का चाबुक स्वार्थी (Selfish) मन आपसे छीन सकता है. लेकिन आदत का समापन भाव कोई भी दुर्गुण नहीं छीन सकता.

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Saturday, 9 January 2016

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Power of Responsibility in Hindi

Power of Responsibility in Hindi
Responsibility एक ऐसा तथ्य है जो किसी भी इन्सान को जीवन में सफल होने की राह दिखलाती है. हर आदमी चाहता है कि लोग उसे पसंद करे. खासकर अपने साथ काम करने वालों और अपने Boss से मिला Encouragement उसे खुशी देता है. इस तरह के प्रोत्साहन पाने के बाद वह दुगुने उत्साह से काम कर पाता है. और अगर बहुत कुछ करने के बाद भी उसे बधाई न मिले तो वह मायुस (Disappointed) हो जाता है. लेकिन हम सभी यह जानते हैं कि किसी भी Situation में सभी लोगों को खुश करना Possible नहीं है. हर हल में कुछ लोग ऐसे होंगे जो Stupid, Uneducated, घमंडी... या अपनी सुविधा के पूर्वाग्रह के मुताबिक जो भी उन्हें ठीक लगेगा समझ सकते है.

Power of Responsibility in Hindi

अगर आपको अपनी Professional Responsibility पूरी करने के लिए ऐसे लोगों से मिलना पड़ता है जिन्हें आप बिल्कुल पसंद नहीं करते तो भी आपको उनसे मिलना पड़ेगा. लेकिन यह कमी आप अपने Personal Project से पूरी कर सकते हैं. खुद से सवाल कीजिए कि Really में आप किस तरह के हैं और किस तरह के लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं? क्या आप किसी खास व्यक्ति से इसलिए मिलते हैं और उस के साथ समय बिताना पसंद करते हैं, क्योंकि दुसरे उसे पसंद करते हैं और वह काफी Popular है? सोंच-समझकर और अपनी Interest को ध्यान में रखकर ही अपनी Personal Project तैयार करें.

अपने व्यावसायिक (Business) कामकाज के लिए तो आपके लिए पसंद-नापसंद के हिसाब से सब कुछ तय करना मुमकिन नहीं. Professional Responsibilities निभाते समय ध्यान रखें कि आपको सिर्फ अपना काम पूरी Liability के साथ करते जाना है, हो सकता है आप कुछ के नजर में बहुत अच्छे Proved हों, हो सकता है कि आप हमेशा सबको खुश नहीं कर सकते. ऐसे लोगों की तलाश करें, जो आपको बहुत अच्छा समझते है. चूँकि हर आदमी आपको पसंद नहीं कर सकता, इसलिए आप ऐसे लोगों को चुनें, जिनके साथ रहने पर आपका Self-Confidence बढ़ता हो. जो आपको महसूस करवाते हों कि आप में भी कोई खास बात है. क्या आपने कभी Notice किया है कि कुछ लोगों के साथ रहते हुए आप अपने आपको ज्यादा Smart, Intelligent, Attractive और Qualified पाते हैं?

तब आप खासकर अपने आपको ज्यादा डरा हुआ महसूस कर रहे होते हैं, जब आपको लगता है कि कहीं लोग आपकी हकीकत न जान जाएँ यानि जब आप अपने बारे में कुछ छिपा रहे होते है. अपनी किसी खास बात को हम अपनी कमजोरी मान लेते हैं और फिर इसे छुपाने कि कोशिश करने लगते है. हम यह मान करा चलतें हैं कि इस बारे में अगर लोगों को पता चल गया तो वे हमारे बारे में गलत सोंच बना लेंगे. लेकिन तब यह हम यह भूल रहे होते है कि इस तरह हम अपने Self-Confidence को कमजोर कर रहें है. अपनी किसी Specialty को कमजोरी समझ लेना ठीक नहीं है.

Advertisement Agency में काम करने वाले शिखर को आज से Three Month पहले तक लगता था कि उसके अन्दर रचनात्मक (Constitutive) का आभाव है, जो कि इस Profession कि सबसे पहली जरुरत है. उसे लगने लगा था कि वह इस Profession में रह कर कभी Successful नहीं हो सकता. लेकिन Three Month पहले जब उसने नई Company Join की तो यहाँ उसे अपने Creative Director के साथ काम करते हुए महसूस हुआ कि पहले उसकी अपने बारे में जो सोच थी, वह पूरी तरह गलत थी. उसने तीन महीने में ही दो कामयाब Print Campaign Tire किए और जल्दी ही Advertising जगत में एक छोटी सी ही सही लेकिन मजबूत पहचान कायम कर ली. नए Creative Hand ने बिना किसी पूर्वाग्रह के रचनात्मक काम करने का मौका दिया उसने उसे पूरा कर दिखाया. यह इसलिए भी मुमकिन हुआ क्योंकि Boss ने उसे इस के काबिल समझ और उसे Encourage किया. ज्यादातर स्थितियों में आप अपने खोये हुए Self-Confidence को थोड़े जतन से वापस ला सकते हैं.

अतः अपने कार्य के प्रति समर्पित रहें और जो लोग आपके व्यावहारिक हितों कि पूर्ति करते हैं, उनके प्रति सदैव समर्पित रहें. आप अपने कार्य के द्वारा उन्हें खुश रखें, जो आप में ऐसी संभावना देख रहें हैं आप किसी भी Business अथवा किसी भी क्षेत्र में हों अपनी Responsibility अपने कार्य के माध्यम से कर सकतें हैं.


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Thursday, 31 December 2015

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Sanjay Sethi की Success Story (Co-Founder & C.E.O. of Shopclues) in Hindi

आज के युवाओं कि सबसे बड़ी Problem यह है की हम कुछ अलग करने की नहीं सोचते हैं. India में यह बहुत बड़ी समस्या है की आज हमें जो कुछ भी मिल जाता है उस पर ही संतुष्ट हो जाते हैं खुद से कुछ हांसिल करने कि कोशिस नहीं करते. हमारे जीवन में कुछ अलग करने कि ललक है ही नहीं. लेकिन यह बात किसी महापुरुष ने कहा है कि “जिसके जीवन में कुछ अलग करने कि चाह न हो और वह अपनी घिसीपिटी जिंदगी से ही खुश हो तो वह आदमी कभी भी Success के मुकाम को हांसिल नहीं कर सकता.”

आईये हम जानते हैं Sanjay Sethi के बारे में जानते हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी में कुछ अलग करते हुए Shopclues जैसी Online Marketing Company की नीव रखी और उसे सफलता की ऊंचाई तक उसे पहुँचाया.

Success Story of Sanjay Sethi (Co-Founder & C.E.O. of Shopclues)

America में बेहतरीन Career छोड़कर Sanjay Sethi India लौटे और अपने चार दोस्तों के साथ शुरु कि अपनी नई Company. महज चार साल के अन्दर Shopclues ने Online Market में बनाई खास जगह.

पढाई कुछ और ही की थी रास्ता कुछ और चुन लिया. और जो रास्ता चुना, उस पर Success की ऐसी Story दर्ज करते गए कि आज उनकी Story सब सुन रहे हैं.

Shopclues के Co-Founder और C.E.O. Sanjay Sethi ने महज चार साल पहले 2011 में इस Online Market – Shopclues की शुरुआत की थी. आज कि भागमभाग भरी जिंदगी में जब किसी के पास Market जाने का वक्त नहीं है, दिन के 24 घंटों में से केवल नींद के समय को छोड़ कर लोग हर समय Mobile और Computer पर Online रहते हैं. ऐसे में बाजार खुद उनके घर आ गया है. Sanjay कहते हैं, “Shopclues अन्य Websites से इसी मायने में अलग है, Shopclues Shopping Mall और बड़ा बाज़ार कि तरह है जहाँ सबके लिए सबकी जरुरत और खरीद क्षमता के मुताबिक सब कुछ मिलता है.”

Uttar Pradesh के शहरों Allahabad, Varanasi, Jhansi और Lucknow में जब Sanjay बड़े हो रहे थे तो Computer और हमारी जिंदगी में इतने तूफानी ढंग से Enter नहीं हुआ था. एक सामान्य Middle Class Family के मेधावी बच्चे कि तरह B.H.U से Mechanical Engineering कि पढाई की और SAIL (Steel Authority of India Limited) में नौकरी करने लगे. लेकिन दिल के अन्दर अगर कोई बेचैनी हो और हमेशा कुछ नया सीखते रहने कि ललक हो तो कोई इन्सान कैसे शांत बैठ सकता है. 1996 में IIT Delhi में पहली बार Computer Science में एक साल का एक Course शुरू किया. Sanjay उसके पहले Batch के Student थे. उन्ही के शदों में, “Computer तब नया-नया आया था. IIT में पढने के बाद मेरी जिंदगी कि दिशा बदल गई. फिर मैंने Mechanical Engineering की तरफ पलट कर नहीं देखा”

इसके बाद Sanjay America चले गए. और 14 साल के लिए वहीँ के हो कर रह गये. California में Ebay में काम करने के दौरान उनके मन में अपना कुछ काम करने का खायाल आया वे कहते हैं, “Ebay तब World का सबसे बड़ा Online Market था, लेकिन वहाँ काम करना बहुत ही Boring हो गया था. Ebay India के Online Market को पकड़ने में भी नाकाम रहा था. ऐसा न होता तो Flipkart, Snapdeal जैसी Companies के जमीन नहीं तैयार होती.

Sanjay को लग रहा था कि Indian Online Market का एक बड़ा सा हिस्स अभी भी अनछुआ है. पर America छोड़ने का फैसला आसन नहीं था. उसके पास America की नागरिकता (Citizenship) थी. Job, Safety, बच्चों का बेहतर Future. India लौटने का मतलब था इन सब को दाव पे लगा देना, लेकिन आखिरकार Sanjay ने कठिन रास्ता चुना.Sanjay ने अपने दोस्तों Sandeep, Radhika Agarwal और Mrinal Chatterjee के साथ मिलकर Gurgaon में महज 800 Sq.Ft. की जगह में अगस्त, 2011 में Shopclues की शुरुआत कि. एक साल बाद January 2012 में जब Shopclues पहली बार Online हुआ तो उनके यहाँ महज 15 लोगों की Team थी. पहले दिन उनके पास 2 Order आए थे. Sanjay उन दिनों की याद करते हैं, “शुरू में तो दिन के 3-4 Order ही आते थे. कई बार तो दिन भर में एक भी Order नहीं होता था”

उस दिन से लेकर आज Shopclues की कहानी कुछ यूँ बदली है कि अब Everyday 80,000 से लेकर 1 Lakh 50 Thousand तक Order आते हैं. महज 20 Merchant से शुरू हुआ सफ़र 3 Lakh Merchant पर पहुँच गया है. Sanjay बताते हैं, “इस साल के अंत तक Merchant की संख्या 5 Lakh से ऊपर हो जाएगी.” कंपनी में 1,000 Employee हैं. सारी Saving लगाकर शुरू की गयी Company इस vittवर्ष के अंत तक 1.2 Billion Rupees की हो जाने की उम्मीद है.

आखिरकार ऐसा क्यूँ है कि जब इतनी संख्या में बड़े खिलाड़ी Online Marketing में दांव आजमा रहे हैं, तब भी Shopclues की Development और Reputation बढती जा रही है. Sanjay ने कहा कि, “उसका कारण है Trust और अपने Customers के साथ एक Emotional Relations.”

वे एक घटना का ज़िक्र करते हैं: “January में Company शुरू हुई थी और February में ठीक Valentine Day के मौके पर हम Problem में फंस गए. हमारे पास 300 Bouquet के Order थे और दुकानवाला आखरी मौके पर भाग गया . हमारी विश्वसनीयता (Reliability) दांव पर लगी थी. आख़िरकार हम खुद भागे-भागे Old Delhi के Market में गये और एक साथ 300 Teddy Bear और Chocolate के Packet खरीद लाये. पूरी रात जागकर उन्हें Pack किया और Customers के सन्देश के और अपने माफीनामे के साथ उन्हें भेजा.” उस दिन को याद करते हुए उनकी आँखें उत्साह से चमकने लगती हैं, “रातोरात Three Hundred Packet तैयार करके Courier किए गये थे.” इस घटना का Positive Effects पड़ा. Social Media पर भी Shopclues के पक्ष में एक माहौल तैयार हुआ. Shopclues ने India में Online Market के स्वरुप को बिल्कुल बदलकर रख दिया. यह इसी कि बदौलत संभव हो सका कि आज एक छोटे शहर के मामूली दुकानदार के लिए भी अपने Products को Online बेचना संभव हो गया है. Sanjay कहते हैं, “हमारा Focus ही Two और Three टियर शहरों पर हैं. महानगरों से ज्यादा बड़ा बाज़ार वहां है. बेचने और खरीदने वाले दोनों. लेकिन ज़रूरत है कि उनकी खरीद क्षमता के मुताबिक Products उन तक पहुंचाने कि.” Shopclues यह काम बखूबी कर रहा है.



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Tuesday, 29 December 2015

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The key of Success - Positive Thinking सकारात्मक सोंच In Hindi Motivational Story

Unsuccessful को Success बनाने में Positive Thinking का महत्व ही सबसे ज्यादा होता है. आज लोगों के दिमाग में यह Negative Thinking घर कर जाती है की Success को पाना बहुत ही मुस्किल काम है
लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है अगर आप Positive Thinking के साथ कड़ी मेहनत करें तो Success को पाना बिल्कुल ही आसन हो जायेगा और इतना ही नहीं Success आपके कदम चूमेगी. “यह बिल्कुल भी Important नहीं है कि कल आप क्या थे अथवा आज आप क्या हैं और किस Stage पर हैं. सबसे Important यह है कि आप कल के लिए क्या सोचते हैं और कल क्या बनना चाहते हैं.”

आज के दौर में जहाँ Youngsters के सामने Jobs की Problem Monster का रूप धारण किए हुए खड़ी है, वहां उनका जल्दी ही Disappointed हो जाना तथा उचित Job न मिलने पर Frustration से भर जाना सामान्य सी बातें हैं. इस स्थिति से Self-Confidence, स्वप्रेरणा, Struggle करने की क्षमता, जल्दी Decision लेने की Ability तथा Situations के हिसाब से खुद को ढालने की कला ही छुटकारा दिला सकती हैं, ये गुण छोटे या मामूली Realized हो सकते हैं, परन्तु लोगों को प्रायः यह अहसास नहीं हो पाता है कि उनमें ये गुण कितनी क्षमता (Efficiency) के साथ Present हैं. यदि हम Struggle Efficiency की बात करें तो ऐसे हजारों उदाहरण दिख जाएँगे, जब किसी व्यक्ति ने अत्यंत छोटे स्तर से काम शुरु करके Unlimited Heights हासिल कीं. हर प्राणी में विषम Situations से जूझने की अदम्य Power होती है. जरुरत है खुद को पहचानने की और Life में संघर्ष से भागने के बजाय Positive Thinking पैदा करने की. यदि व्यक्ति अपने जीवन के हर मोड़ पर Positive Thinking रखे तो पता चलेगा कि उसकी आधी से ज्यादा Problems तो खुद-ब-खुद Solved हो गई.

आशंकाओं के साथ किया हुआ कोई भी काम Success नहीं होता, जबकि Good Thinking के साथ किया गया कोई भी प्रयास कभी भी Unsuccessful नहीं होता. World में दो ही प्रकार के लोग हैं, एक वह जो Successful हैं और दुसरे वह जो Unsuccessful हैं. लेकिन आपको यह सोचना चाहिए कि कुछ व्यक्ति Unsuccessful क्यों होते हैं और कुछ लोग Always Successful कैसे हो जाते हैं? इसके पीछे प्रमुख कारण होता है व्यक्ति का नजरिया. काम और जीवन के प्रति व्यक्ति का दृष्टिकोण उसके आगे बढ़ने या पीछे हटने में Effective Role निभाता है. आप किसी काम में कितने भी निपूर्ण क्यों न ह्नों, आपकी योग्यता चाहे जो हो और आपकी रूचि रुझान कुछ भी हो, जो चीज आपकी Success सुनिश्चित करती है, वह है आपका Attitude.

लेकिन हम में से कितने लोग अपने काम को उत्साहपूर्वक कर पाते हैं? बहुत काम. फिर भी हम कहते हैं कि फलां Interview में नहीं चुने गए या Promotion नहीं पा सके. हारने से जीत मिलती हो ऐसा तो नहीं है फिर भी कुछ खोकर कुछ तो प्राप्त किया जा सकता है, यह बात विरोधाभासी लग सकती है, लेकिन है नहीं. हम मनुष्य हैं और थोड़ी बहुत असफलता मिलना आम बात है. कोई भी व्यक्ति अपने सारे कामों में 100% Success नहीं पा सकता.

जीवन में कभी न कभी हर कोई Unsuccessful होता है. दूसरे शब्दों में असफलताओं के Pillars पर ही टिकी होती है Success. विजेता हार-जीत के अपने अनुभावों को Analysis करके अपने लिए Success होने का Formula खोज लेतें हैं. इसके अनुरूप ही वे अपने Behavior और कार्य में सुधर ला पाते हैं. फर्क सिर्फ यह होता है कि एक Winner जब कोई Mistake करता है तो उसे Accept कर लेता है कि हाँ मुझसे गलती हुई और एक Unsuccessful Person कहता है कि यह मेरी गलती नहीं थी.



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Sunday, 27 December 2015

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Self-Confidence And Self-Dependent Hindi Motivational Story

जो व्यक्ति Struggle करने से पूर्व ही भैभित हो जाता है, वह संघर्ष को कभी पर नहीं कर सकता. जो व्यक्ति शारीर से कमजोर हो लेकिन जिसके पास पहाड़ कि काया-सा Self-Confidence हो, वह हारी हुई बजी भी जीत लेता है. यही लोग हैं जो Tables Turn करके पूरे World को चौका कर देते हैं. इसी प्रकार Self-dependent Person भी शंका रहित होकर कोई काम करता है तो कभी भी किसी काम में Unsuccessful नहीं होता.

जो व्यक्ति Self-Respect के बल पर आत्मविश्वासी होकर आत्मनिर्भर बन जाते हैं तो वे अहंकारी (Overrated) नहीं कहलाते. John Colhm को Study करते हुए देखकर College के एक Student ने उसका मजाक उड़ाया तो John Colhm ने उससे कहा, “मुझे अपने समय का इस प्रकार उपयोग करने कि आवश्यकता है कि मैं Congress यानि विधानसभा (Assembly) में अच्छी तरह से काम कर सकूँ.” यह सुनकर वह Student और ज़ोर से हंसा. तब John Colhm ने उससे कहा, “क्या तुम मेरी इस बात पर यकीन नहीं कर सकते? Trust Me यदि मुझे यह भरोसा नहीं होता कि तीन साल के अन्दर ही Capital कि ओर से Congress में निर्वाचित (Elected) हो जाऊंगा तो मैं इस College में Admission ही नहीं लेता.” Future में महान बनने वाले व्यक्ति ऐसे शब्द अपनी शक्तियों और अपने Self-Confidence के आधार पर कह जाते हैं. ऐसे व्यक्ति अपनी Ability के मूल्य को समझते हैं और उसी के अनुसार आत्मविश्वास रखना जानते हैं. William Shakespeare ने एक जगह लिखा है, “जो पराश्रित और Hesitation करने वाले व्यक्ति हैं वे आत्मनिर्भर रहने वालों के उदार Ego को नहीं समझ सकते. आत्मनिर्भर व्यक्ति को यह खुशी होती है कि उसमे राजमुकुट (Crown) प्राप्त करने की Power है.

Self-Confidence और आत्मनिर्भता कि जब Collaboration हो जाती है तो व्यक्ति Life के प्रत्येक मोर्चे पर Success ही अर्जित नहीं करता बल्कि अपने Self-Respect और गौरव को भी Harmful होने से बचाता है. देश कि आजादी के लिए संघर्ष करते हुए Mahatma Gandhi ने भी इसी प्रकार का Message दिया था कि यदि देश के सभी लोग Self-dependent हो जाएँगे तो उनका आत्मविश्वास बढेगा और उन्हें Struggle करते हुए आगे बढ़ने में कोई भी भय (Fear) प्रतीत नहीं होगा.

जो लोग Self-dependent नहीं होते हैं, वह उस पतले सरकंडे के समान होते हैं जो हवा के मामूली झोंके पर ही लचक उठता है. आप Self-Confidence रखते हुए Self-dependent हो जाएँ, तो अन्य सभी नेमतें उसके पीछे स्वतः ही चली आएँगी. याद रखें कि आप Self-dependent नहीं हैं तो आपकी Countless Abilities भी किसी काम की नहीं रहेंगी और आप लोगों के लिए एक Unsuccessful और नाकारा व्यक्तियों की List में ही तुम्हारी Counting होंगी. निम्नलिखित Hindi Motivational Story से आप समझ सकते हैं कि मनुष्य अपने Self-Confidence को बनाए रखकर क्या कुछ नहीं कर सकता:

एक सेठ के दुकान के Storeroom में आग लग गई. सेठ के सभी नौकर, सैकड़ों नगर-मोहल्ले वासी आग बुझाने में Unsuccessful रहे और सारी कमाई हुई Properties Destroy हो गई. सब कुछ जल जाने के बाद लोगों ने सेठ के पास जाकर दुःख प्रकट किया और सांत्वना (Consolation) दी, “आपकी विपत्ति (Adversity) से हम दुखी हैं. आपकी Whole-Life कि कमाई पलभर में Destroy हो गई.” सेठ मुस्कुराए, ऑंखें बंद करके उपरवाले का स्मरण किया. उन्होंने लोगों से कहा कि, “यह जो खो गया, वह फिर देगा, कृपा करेगा. जरुर मुझसे अनजाने में कोई Mistake हो गई होगी तभी यह Accident हुई. वह सब मेरे Life की असली कमाई नहीं थी. असली कमाई तो वह है जो मेरे पास है और उसी के बल से मैं पुनः सबकुछ अर्जित कर लूँगा. इस Properties के Destroy होने से जब मुझे ही कोई दुःख नहीं है तो फिर आपलोग क्यों दुखी हैं? सभी सेठ को आश्चर्य भरी नजरों से देखते रह गए. उनकी आँखों में एक ही प्रश्न था, “सेठ, क्या है आपकी असली कमाई जिस पर आप शांत हैं, अविचलित हैं और अपने आपको Encourage किए हुए हैं.” “मेरी असली कमाई है उपरवाले में Faith (Loyalty) और अपने Struggle करने पर Confidence है. आग में यह सब तो नहीं जला न और यह विपत्ति में भी मैं यह बात नहीं भूला सकता हूँ, जिससे मैंने कमाई की थी और आगे भी करूँगा. मैं विनय नहीं छोडूंगा नहीं तो लोगों की सहानुभूति (Sympathy), Support एवम् Guidance नहीं मिलेगी. अंतः विपत्ति के समय मनुष्य को Patience नहीं छोड़ना चाहिए और इसी के बल पर कोई Lost Property ही नहीं सब कुछ प्राप्त कर सकता है.”




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Friday, 25 December 2015

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Effective Time Utilization सदुपयोगी समय in Hindi

खोया हुआ वक्त जहाँ पछतावे के सिवा कुछ नहीं देता है, वहीँ वक्त का किया गया Utilization अनेक अवसर आपको प्रदान करता है. यदि Childhood में आपने समय का सही उपयोग Education प्राप्त करने में किया होता है तो Adolescence (Teenage) में आपके उज्जवल Career के कई रास्ते पैदा हो जाते है. Teenage में भी Time को Utilization कर लिया जाए तो फिर Lifetime के लिए आप सुखी रह सकते हैं. नीचे लिखे Motivational Story का अवलोकन निश्चित ही आपकी प्रेरणा बनेगी:

किसी महापुरुष ने कहा है कि, जिस प्रकार Gold का प्रत्येक कण मूल्यवान (Precious) होता है उसी प्रकार समय का प्रत्येक क्षण भी Valuable होता है, इसलिए Time का Utilization समय को बचाने के सामान है. जो इसे बचाता है और इसका सदुपयोग करता है Success अपने आप उसके कदम चूमती है. Dr. Bhim Rao Ambedkar, London में अपनी Study कर रहे थे. London में उनके Classmate Asnadekar थे और वे दोनों एक ही Room में रहते थे. हर समय पढाई-लिखाई (Studies) में डूबे रहने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर को देखकर Asnadekar बहुत हैरान रहते थे. एक दिन आधी रात को अचानक उनकी नींद टूट गई. उन्होंने देखा कि बत्ती जाल रही है और Dr. Bhim Rao Ambedkar, Study में लगे हुए हैं. उन्होंने पूछा, “आप और कितनी देर पढेंगे? बहुत Time हो गया है, अब सो जाइए.” Dr. Bhim Rao Ambedkar ने Serious Voice में Answer दिया, “Asnadekar साहब मेरे पास खाने के लिए पैसा और सोने के लिए समय है कहाँ? मुझे तो एक-एक क्षण का Utilization करना है. मैं इसे नष्ट करने कि स्थिति में हूँ ही नहीं.” यह कहकर वे पढाई में फिर से तल्लीन (Engrossed) हो गए.

प्रत्येक महापुरुष का Life यही बताता है कि उसने Time का कभी भी निरादर (Disgrace) नहीं किया. यही कारण है कि उन्होंने Life में यश (Fame) औए सफलताएँ (Successes) अर्जित कीं. निरंतर कर्म (Continuous Work) करते रहें और प्रयासों को High Quality का भी बनाते रहें. Starting में आप Failure हो सकते हैं लेकिन अंततः आप Success अवश्य होंगे और समय के साथ किया गया आपका Justice आपके ही हक में प्रत्येक Decision को Protect करेगा.



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Debate Against Media In Hindi

Western Electronic Kingdom ने विस्मयकारी (Amazing) पहुँच प्राप्त कर ली है. Globalization ने इसे विचारधारा के मंच पर ज़ोर दिखाने के लिए बहुत सी मांसपेशियां उपलब्ध करा दी हैं. इसने Satellite और Cable तकनीक से Accelerated International पहुँच प्राप्त कर ली है. पशि्चमी और विशेष रूप से Anglo-American Media ने World Online सेवाओं, Radio और Newspaper और Magazines पर प्रभुत्व प्राप्त कर लिया है. Western Electronic साम्राज्यों के विस्तार के साथ Western Media ने Satellite और Cable तकनीक द्वारा International Market प्राप्त कर ली है.

International Television News का बड़ा भाग Western News संगठनों के द्वारा फैलाया जाता है. इसमें Television News Agency जैसे Right Television, The World Wide Television News और A.P.T.V तथा Satellite और Cable आधारित संगठन जैसे CNN., SKY और B.B.C. World सेवा, इन दोनों प्रकार कि सेवाएँ अपनी विभिन्न Languages पर आधारित सेवाओं के साथ विश्व वायु तरंगों पर छायी हुई हैं.

World की चार News Agency: Associated Press, United Press International, Writers और Agency France Press में से पहली तीन American और British agencies हैं और उनमें चारों World News का लगभग 80% उपलब्ध कराती हैं. Worldwide Employees का जाल रखने के बावजूद ये कंपनियां जानबूझ या अनजाने में, पशि्चमी और विशेष रूप से American और British News एजेंडा रखती है.

इसके अतिरिक्त, India के English Language के सभी बड़े Newspaper और समाचार पत्रिकाएँ Syndicate व्यवस्था का लाभ उठाकर लगातार गर्वपूर्वक पशि्चमी समाचार पत्रों और पत्रिकाओं से टिप्पणियाँ और Feature छापते रहते हैं. इस प्रकार Western News Organization पशि्चमी हितों को ध्यान में रखते हुए International News एजेंडा तय करने और उन्हें आयोजित करने में बहुत प्रभावकारी होते हैं. यहाँ तक कि स्थानीय समाचार पत्रों को भी बड़े समाचार बाँटने वालों द्वारा अनुवाद की हुई सामग्री पर भरोसा करना होता है और इस तरह वह घरेलू समाचार के उपभोगताओं तक अपना प्रभाव फैला देते हैं. ऐसा केवल India में ही नहीं हो रहा है. पुरे Developing World को वही सब कुछ देखना पड़ता है जो प्रभुत्वशाली पशि्चम दिखाना चाहता है.

बहुत से Indian Newspaper पशि्चमी मुहावरों, उनकी भाषा, समाचार और मूल्यों को अपनाते हैं और उनकी Copy करते हैं.

इस्लामी आतंकवाद (Islamic Terrorism) कि शब्दावली Western News Media ने गढ़ी है. पशि्चमी हितों के प्रति झुकाव रखने के कारण Indian Media में इसकी गूंज सुनायी पड़ती है. हालाँकि केवल यह कह देना कि इस्लाम Terrorism का न तो प्रचार करता है न बढ़ावा देता है, इसे रोकने के लिए पर्याप्त नहीं. कुछ Terrorist अवश्य Islam के पर्दे में शरण लेते हैं और America की ओर झुकाव रखने वाली Media के लिए एक बहाना उपलब्ध कराते हैं ताकि जिहाद (Jihad) को Terrorism का समानार्थी (Synonyms) बताया जा सके.

फिलिस्तीनी (Palestine) क्षेत्रों पर इस्राइल (Israel) का कब्ज़ा और इस्राइल द्वारा संयुक्त राष्ट्र (United State) के प्रस्तावों का लगातार उल्लंघन और America द्वारा मध्य पूर्व में ऊर्जा के स्रोतों पर अधिकार प्राप्त करने के लिए खुनी खेल कुछ समूहों को हथियार (Weapon) उठाने के लिए प्रेरित करता है. मध्य-पूर्व में होने वाली घटनाओं का समाचार लिखने में Western News Media दोहरे मानदंड अपनाते हैं. इस्राइल द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्रों के कब्जे की अनदेखी की जाती है जबकि फिलिस्तीनी मुसलमानों द्वारा इस हमले का विरोध करना Islamic Terrorism बतलाया जाता है. यह कहने की आवश्यकता नहीं कि विभन्न कौमों द्वारा किए गए अपराधों के बारे में निर्णय करने के लिए समाचार माध्यमों के स्वामी अलग मानदंड रखते हैं.

ये सभी चीजें Islam और Muslim के साथ का शब्द जोड़ने में विशेष हितों कि ओर इशारा करते हैं. आतंकवाद और आतंकवादियों के मामले में इतना अधिक दोहरा मानदंड अपनाने के पीछे कोई न कोई षड्यंत्र अवश्य होगा क्योंकि सिर्फ इस्लाम और मुसलमानों को ही ऐसे Activities को इस्लाम से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है जिस प्रकार Sri Lanka के Hindu Terrorists के Activities के लिए हिन्दुओं को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. लेकिन Media का यह असंतुलन विकसित Western Countries को कुछ ऐसे लोगों पर Terrorist का आरोप लगाने का अधिकार दे देता है जिनके पास Media नहीं है.

Salman Rushdi ने Islam को अपमानित करने का जो प्रयास किया है उससे मुसलमानों को दुःख होता हो लेकिन Western News Media के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बहाने सलमान रुश्दी का बचाव करना आवश्यक है. Western Countries सलमान रुश्दी का बचाव करते हैं, लेकिन Holocaust का इंकार करने पर David Irwin को जेल भेज देते हैं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की यह कैसी विडंबना है. United States Of America के अन्दर इस्राइल और उनकी नीतियों कि आलोचना करना लगभग असंभव है. इस तरह के प्रयास करने वाले सभी लोगों के विरुद्ध सामवाद Anti Law के अंतर्गत मुकद्दमा चलाया जाता है. इससे एक बात स्पष्ट है कि Western Countries और Western News Media को भी कुछ विश्वासों कि हर कीमत पर रक्षा करनी होती है.


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Thursday, 24 December 2015

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Happy in Sadness in Hindi Motivatinal Story

Remember that की दुनियाँ Smiling Person के साथ Smile तो कर सकती है But रोते हुए (Crying) Person के साथ रो नहीं सकती है. Smile से भरा Face सबको पसंद आता है. आपकी Smile से Problems के कई “Close Door” Open हो सकते हैं. रोती हुई Face रख कर कर आप किसी को भी Impress नहीं कर सकते हैं. बेशक Life में हजार गम हैं, हजार Problems हैं, लेकिन उनका Face - Off Happiness के साथ भी किया जा सकता है. समाजिक बात-चीत करते समय Smile भरे चेहरे को बहुमूल्य ही समझें. आपके Life में भी ऐसे Smiling Face होंगे, जिनसे मिलते ही आप खिल उठते होंगे. यही होता है हँसमुख व्यक्ति का कमाल. यदि आप संतोष (Satisfaction) के धन को पा लेते हैं, तो आप भी Always Happy रह सकते हैं. निचे लिखी Motivational Story भी यही सन्देश प्रदान करती है:

बहुत समय पहले कि बात है. किसी राज्य में चित्रसेन नाम के राजा थे. राजा चित्रसेन योग्य (Eligible) और गुनी व्यक्तियों का Respect करते थे, पर वे बगैर किसी Reason के ही क्रोधित (Angry) भी हो उठते थे और फिर उन्हें कुछ भी नहीं सूझता था, जो मन में आता वही करते. एक दिन वे किसी गहरी सोच में व्यस्त थे. उन्होंने देखा कि ऐसे दुविधाओं में भी प्रधानमंत्री (Prime Minister) जयभद्र Smile कर रहे थे. उन्होंने Indirectly इसके लिए Alert भी किया, पर जयभद्र के होठों से वह मुस्कान तब भी लुप्त न हो सकी. चित्रसेन के चाटुकार (Spaniel) और जयभद्र के विरोधी दरबारियों के हाथ यह एक अच्छा अवसर लग गया. उन्होंने राजा से कहा , “महाराज जयभद्र को आपने बहुत सिर चढ़ा लिया है. अब उन्हें अपनी Limit का भी कोई ध्यान नहीं है.” चित्रसेन अपने स्वभाव से Helpless थे, उन्होंने जयभद्र को Punished करने के लिए उन्हें Prime Minister Post से हटा कर एक Junior Minister बना दिया. जयभद्र अगले दिन दरबार में आकर Junior Minister की Chair पर बैठ गए. किन्तु चित्रसेन की आशा के विपरीत उस Time भी उनके होठों पर वही मुस्कान दिखाई दे रही थी. चित्रसेन चाटुकारों कि बात सही लगी. उन्होंने उसी समय उन्हें Junior Minister Post से भी हटाकर एक Departmental Officer बनाए जाने का फरमान जारी कर दिया. किन्तु चित्रसेन ने फिर भी जयभद्र के होठों पर वही मुस्कान देखी.

राजा चित्रसेन ने जयभद्र से पूछा तो उन्होंने कहा, “राजन, Respect को मैंने कभी अपना अधिकार नहीं माना. सुख और दुःख को मैं समभाव (Same) रूप से देखता हूँ. आपने मुझे जो Post दिया था वह Public Service के लिए था, उसे मैंने कभी भी अपना नहीं समझा, फिर उसके रहने नहीं रहने से क्या फर्क पड़ता है. मैं तो अपनी नमक-रोटी से Satisfied हूँ. वह मुझे आपकी कृपा (Mercy) से आज भी मुझे मिल रही है, फिर भला मैं क्यों न मुस्कराऊं?” चित्रसेन ने जयभद्र को अपने सिने से लगा लिया और बोले, “जयभद्र मैं Angry Man अवश्य हूँ, पर इतना मुर्ख नहीं हूँ कि चाटुकारों की बातों में आ जाऊं. मैंने जो कुछ भी किया अपनी आँखे खोलने के लिए किया.” जयभद्र को पुनः Prime Minister Post पर सुशोभित कर दिया गया.

लेकिन यह अवश्य है कि दुसरे के दुःख में आप नहीं मुस्करा सकते हैं और तब आपको सांत्वना ही देनी होती है. मुस्कान भरे चेहरे वाले जब तसल्ली देते हैं तो सभी लोग रहत भी महसूस करते हैं. 


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Thursday, 3 December 2015

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TERRORISM HAS NO RELIGION In Hindi (आतंकवाद)

मुसलमान आतंकवादी नहीं हैं और आतंकवादी मुसलमान नहीं हैं.
World के History में, कौन सबसे ज्यादा मासूम लोगों को मार डाला:-
1) "HITLER"
क्या आपको पता है वह कौन था?
वह एक Christian था, लेकिन Media वालों ने उसे कभी भी Christians Terrorists नहीं कहा.

2) "JOSEPH STALIN” जिन्हें लोग “Uncle Joe" के नाम से भी जानते हैं.

उसने 20 Million निर्दोष लोगों को मार डाला था जिनमे से 14.5 Million लोग भूखे थे.
क्या वह मुसलमान था? बिल्कुल नहीं !!!

3) "MAO TSE TSUNG (China)" 

उसने 14 से 20 Million निर्दोष लोगों को मार डाला था. 
क्या वह मुसलमान था?

4) "BENITO MUSSOLINI (Italy)"

उसने 400 हजार निर्दोष लोगों को मार डाला था.
क्या वह मुसलमान था?

5) " Ashok" 

कलिंग युद्ध में उसने 100 हजार निर्दोष लोगों को मार डाला था.
क्या वह मुसलमान था?

6) George Bush 

उसके द्वारा IRAQ में घाटबंधी (Embargo) डाला गया था उसने अकेले 1/2 Million Children को IRAQ में मार दिया था !!!

कल्पना कीजिए कि इन लोगों को Media द्वारा कभी भी आतंकवादी नहीं बुलाया जाता है.

क्यों???

आज बहुत से गैर-मुसलमानों को "JIHAAD" शब्द सुनने से ही डर लगने लगता हैं. “JIHAAD” एक Arabic Word है, जिसका स्रोत “JAHADA” है. जिसका Meaning प्रयास करना, संघर्ष करना "To Strive" या "To Struggle" बुराई के विरुद्ध न्याय के लिए लड़ना होता है. इसका यह मतलब नहीं होता है कि निर्दोष लोगों कि हत्या कि जाए.

“JIHAAD” को इस तरह भी Defined किया जा सकता है कि " बुराई के साथ नहीं बल्कि बुराई के खिलाफ खड़ा होना ”

अगर आप अभी भी यह सोचते हैं कि Islam ही Problem है? 

तो जरा गौर से पढ़ें:
1. First World War में, 17 Million लोग मारे गये
(गैर-मुस्लिम के कारण).
2. Second World War में, 50 से 55 Million लोग मारे गये
(गैर-मुस्लिम के कारण).
3. NAGASAKI Atomic Bombs (परमाणु बम) धमाके में 2 लाख लोग मारे गये
(गैर-मुस्लिम के कारण).
4. VIETNAM के युद्ध में 5 Million लोगों का कत्लेआम किया गया 
(गैर-मुस्लिम के कारण)
5. BOSNIA/KOSOVO के युद्ध में 5 लाख से अधिक लोग मारे गये 
(गैर-मुस्लिम के कारण)
6. IRAQ में युद्ध: (अब तक) 1 करोड़ 20 लाख लोगों की मृत्यु
(गैर-मुस्लिम के कारण).
7. AFGHANISTAN, IRAQ, PALESTINE, BURMA इत्यादि देशों में बहुत से मासूम लोगों मरे गये जिनकी कोई गिनती नहीं हो सकती है 
(गैर-मुस्लिम के कारण).
8. Cambodia (1975-1979) में लगभग 3 Million लोगों की मृत्यु हुई थी 
(गैर-मुस्लिम के कारण).

किसी भी धर्म को आतंकवाद से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह कोशिश होनी चाहिए कि Double Standards Killings System को ही हटा दिया जाए.


“कोई मजहब आतंक फ़ैलाने का सबक नहीं सिखाता
मासूमों को मरना, खून बहाने का सबक नहीं सिखाता
हिंदू हो या मुस्लमान, सिख हो या ईसाई, सब अमन चाहते हैं
कोई मजहब आतंक फ़ैलाने का सबक नहीं सिखाता”



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Wednesday, 18 November 2015

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Successful Leadership के लिए रास्ता...

America के छोटे व्यापार (Small Business) Association के अनुसार, प्रत्येक माह लगभग 5,40,000 नए छोटे व्यवसायों की शुरुआत होती हैं। इन नए उद्यमों (Ventures) में से आधे से अधिक पांच साल की वर्षगांठ (Anniversary) मनाया करते हैं, उनमें से 70 प्रतिशत 10 साल के भीतर असफल हो जाते हैं.अंतिम आठ वर्षों में एक कठिन (Difficult) अर्थव्यवस्था (Economy) के बारे Research से यह पता चलता है कि अधिकांश व्यवसायों (Most Businesses) की Failure की वजह एक छोटे व्यापार माहौल (Business Climate) या जटिल (Complicated) बाहरी बाजार की शक्तियां नहीं है. उन Business Companies की असफल होने कि वजह Poor Internal Leadership हैं. 

यह कठोर लग सकता है, लेकिन यह भी व्यापार की वास्तविकता है। लगभग 50,000 से अधिक नए उद्यमों प्रत्येक माह शुरू किये जाते हैं, ये बहुत महान लोग नहीं हैं, इन में से सभी लोग अच्छे Leader नहीं बन पाते लेकिन कुछ मेहनती लोग Success की ऊंचाई को छु लेते हैं. 
जब उद्यमियों या मुख्य कार्यकारी अधिकारियों या किसी Employee को उसकी Leadership Skill Improve करने कि सलाह देते हैं तो उन्हें इन बातों पर खास ध्यान देने को कहते हैं, जो किसी भी Leader के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है.

अपने कर्मचारियों का ख्याल रखना

अपने कर्मचारियों को अपनी Company की सबसे महत्वपूर्ण परिसंपत्ति(Property) समझें, और उनकी देखभाल करने में पहला कदम : एक उचित मजदूरी का भुगतान (Monthly Payment) और स्वास्थ्य बीमा(health insurance) प्रदान करना है, यह अपके कर्मचारियों को सुरक्षा और मन की शांति देता है। वे कंपनी में ध्यान ज्यादा Focus कर सकेंगे, और घरेलु जीवन के बारे में ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं होगी.

लेकिन यह एक Monthly Payment के साथ बंद नहीं करता है। यदि आप लगातार कंपनी की लक्ष्यों का अनुपालन करेंगे तो हर किसी के लिए आपकी चर्चा का विषय होगा. इस तरह वे अपने परिवार या Team के मनोबल को बढ़ाने में सछम हो सकते हैं. विस्तृत मासिक घटनाओं को सहयोगियों से पूछ के सरल किया जा सकता है. खुशी, सुरक्षा और उत्पादक कर्मचारियों को हर सफलता की कहानी (Success Story) के लिए एक महत्वपूर्ण घटक (Component ) माना जाता हैं।

“क्यों डरें कि जिंदगी में क्या होगा,
हर वक्त क्यों सोंचे कि बुरा होगा,
बढ़ते रहें मंजिलो कि ओर हम
कुछ न भी मिला तो क्या होगा 
कम से कम तजुर्बा तो नया होगा”

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Sunday, 25 October 2015

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6 Geniuses लोगों कि विचित्र आदतें

6 Geniuses लोगों कि विचित्र आदतें
             Geniuses और Eccentric Behavior के बीच एक दिलचस्प कड़ी है. Einstein सड़क से सिगरेट के टुकड़े को उठाया और उसके तंबाकू को अपने पाइप के लिए इस्तेमाल किया. Benjamin Franklin एक खिड़की के सामने हर सुबह नन्गे होकर बैठेते थे और अपने शरीर पर हवा प्रसारित करते थे. उन्होंने कहा कि  इसे "हवा में स्नान करना” कहा जाता है.

उनकी Eccentricity उदहारण पूरी तरह से नहीं है. उनके पागलपन के पीछे भी कुछ मानसिक लाभ छिपा होता था. 

यहाँ 6 Geniuses लोगों कि विचित्र आदतें हैं जो आप को Smart बनने में आपकी Help करेगा.

1. 24Karat Gold के साथ चारों ओर

   24Karat Gold के टाइल्स के एक Bathroom में Floppy Disk सहित 3000 से ज्यादा अविष्कार (Inventions) को Painted कराया है जो हर रात, Dr. Yoshiko Nakamatsu, उनकी "शांत कक्ष" में संन्यास ले लेंगे उन्होंने कहा कि , “कल्पना के लिए टेलीविजन संकेतों और रेडिओ  तरंगो से बचना चहिए. Radiation को Gold Block करता है.” उन्होंने यह भी कहा कि, कुछ है रेडियो तरंगों और कैंसर के बीच Link अभी भी बहस हो रही है, वहीं Overexposure के संज्ञानात्मक प्रभाव को नकारा नहीं जा रहे हैं. तुम्हें शायद 24-Karat Gold के साथ घेरा नहीं कर सकते, लेकिन हम रेडियो तरंगों के "धुंध" से दूर रह सकते हैं - कंप्यूटर, वाई-फाई, सेल फोन, ब्लूटूथ हेडसेट से दूर रह सकते हैं.
अपने मानसिक प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए, प्रकृति में चल कर या ध्यान के द्वारा अपने मन को तकनीकी बज़ से एक राहत दे. दैनिक मानसिक रूप से इससे बचने के लिए समय और पुनर्भरण अनुसूची तैयार कर सकते हैं

2. ठंढे पानी के फायदे
                      
Benjamin Franklin London’s के Chilly Thames नदी में रोजाना तैरने के लिए चले जाते थे. Theodore Roosevelt Winter Session में Washington Dc के Potomac नदी में तैरने के लिए जाया करते थे. शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए विभिन्न तापमान (Temperature) के पानी या नदियों में जाने की एक प्राचीन प्रथा है. Greek ऋषि Hippocrates ने कहा कि पानी की Therapy (शारीरिक या मानसिक कमजोरी) "थकावट को दूर करता है. जब, आप दु:खी हो या किसी सदमे में हों तो आपके शरीर का Blood Circulation बढ़ जाता है तब आप Blood Circulation को Control करने के लिए एक ठंडा Shower ले या तैरने के लिए नदी में जाइए अपने Body में Fresh Blood बनाता है, और Fresh Blood आपके Mind (दिमाग) और महत्वपूर्ण अंगों को स्वस्त करता है. अपने दिमाग के एक स्फूर्तिदायक बनाने के लिए संभव के रूप में Cold Temperature वाले पानी में नहाये या आप बहादुर हो, तो आप एक Ice Bath की कोशिश कर सकते हैं.

3. अपने भोजन में स्वाद का निर्धारण
                    Thomas Edison ने अपने किसी भी Experience Employee के लिए एक Interview प्रक्रिया लिए करते थे वे Unknown Subject में अच्छी तरह से वाकिफ होने की आवश्यकता होती है इसके अलावा, Edison ने उन्हें "नमक टेस्ट." करने के लिए एक Soup का कटोरा दे दिया, और कहा कि बिना soup में नमक जोडें, किसी ने भी इस Exam में Pass नहीं किया. चखने से पहले नमकीन निराधार मान्यताओं के आधार पर निर्णय लेने के लिए एक स्पष्ट संकेत था.
Thomas Edison ने कहा की कोई भी बुद्धिमान आदमी पानी के परीक्षण के बिना नदी या तालाब में नहीं कूदता, इसी तरह कोई भी आदमी बिना test किये soup में नमक का सही जायका (Test Test) नहीं डाल सकता.

4. एक भूख हड़ताल                   
                 Pythagoras, प्राचीन यूनानी दार्शनिक और गणितज्ञ, योजनाबद्ध तरीके 40 दिन की अवधि के लिए खुद को भूखा रखा था. उन्होंने अपने शिष्यों को सिखाया कि सख्त पानी से मानसिक धारणा और रचनात्मकता को बल मिला है.
आधुनिक अध्ययनों (Studies) से यह पता चलता है कि उपवास (Fasting) से याददास्त में बढ़ोतरी होती है और नए मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास को प्रोत्साहित कर सकता हैं, जो आपके मस्तिष्क व्युत्पन्न (Brain-Derived) के Neurotrophic कारक (BDNF) को बढाता है. उपवास की वजह से भारी तनाव को अच्छी तरह से दूर किया जा सकता है और उत्साह की भावनाओं में तेजी लता है, जो Endorphins Release करने के लिए मस्तिष्क का सहायक बनता है.
उपवास के दो लोकप्रिय रूप हैं:

1) आंतरायिक उपवास (Intermittent Fasting) एक-एक दिन Gap कर के रखा जाता है. इसमें समय की अवधि के लिए हर दूसरे दिन (Every Other Day ) भोजन से नहीं किया जाता है.
2) कैलोरी प्रतिबंध(Calorie Restriction): इस में प्रतिदिन सामान्य (Other Day) की तुलना में 30-40 प्रतिशत कम भोजन उपभोग किया जाता है.

5. मेरे आंसू की नदी
                    
आप Creative लोगों के रूप में जानना चाहते हैं Steve Jobs के बारे में, तो शुरू उनके निकले वाले आंसुओ से करते हैं. Authorized Biography में उन्होंने कहा कि, जब उसने "आत्मा की पवित्रता" प्राप्त नहीं किया था, वह निराश था तब लगातार रोया लेकिन पता चलता है कि वह खुशी के आँसू के रूप में वर्णित है, और अपने तरीके से रोने से तनाव कम हो जाता है. आँसू तनाव पैदा करने वाले हार्मोन को हटा देता और अपने Mood को नियंत्रित करता है जो आपके Manganese का Level, कम करती है. यह भी रोने की भावनात्मक रिलीज एक मानसिक संतुलन की ओर जाता है; तूफान के बाद शांति की भावना.
आँसू को आरंभ करने वाली भावनाओं की लहर को दबाने के बजाय, उन्हें प्रवाह करते हैं. Catharsis मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा मिलेगा.

6. Be A Dropout.

                   आपके शिक्षा को तुच्छ जानते का मतलब यह नहीं है कि एक बाहर School या College से Dropout हुआ Student होने के कारण आप अपने लक्ष्यों का रुकावट अपने Institute को न बनाये. आप जहां चाहें उस Institute या College से ज्ञान प्राप्त करें. ज्ञान प्राप्त करने के लिए एक प्यास होना चाहिए. उल्लेखनीय Dropouts के सूची में बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग और सबसे कम उम्र की महिला अरबपति, एलिजाबेथ होम्स भी शामिल है. उन सभी से तीन प्रमुख सबक पता चलता है:
1) Auto-Didactic होना (एक आत्म-शिक्षार्थी);
2) Patterns की पहचान करने और Successful भविष्यवाणी करें;
3) सही निर्णय लें (Making Bold Decisions).
न केवल College छोड़ने के लिए बल्कि यह किसी भी जिम्मेदारी (Commitment) के लिए एक बड़ा खतरा है. एक सफल छोड़ने वालों की आप लगातार पैटर्न के लिए देखने के लिए अपने मन प्रशिक्षण रहे हैं इसका मतलब जा रहा है; कई रास्तों की गति को देखते हैं, और अपने लक्ष्यों के साथ सबसे संरेखित करता है कि एक के लिए स्थानांतरण करने के लिए.

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